Sunday , November 17 2019

LITERATURE

चेहरे प उनके रंगे शराफ़त तो देखिए

चेहरे प उनके रंगे शराफ़त तो देखिए है वक़्ते ईन्तेख़ाब सियासत तो देखिए मज़लुम हो रहे हैं अदालत में शर्मसार ज़ालिम की हो रही है ज़मानत तो देखिए किस दरजा गिर गए हैं वो जन्नत की चाह में लालच में मुब्तेला है इबादत तो देखिए मुम्किन है मख़लुक़ाते ज़मी का …

Read More »

ज़िंदगी की उलझनो मैं मुब्तला रहता हूँ मैं

ज़िंदगी की उलझनो मैं मुब्तला रहता हूँ मैं। वक़्त निकला जाता है और सोचता रहता हूँ मैं। क्यूँ न खुशियां लौट कर जाती मिरे दर से भला। घर मैं रहकर भी तो अकसर ला पता रहता हूँ मैं। जिस किताब ए इश्क़ को रखते हो तुम दिल के क़रीब। फुल …

Read More »

कई बार हज, ज़ियारत व उमरह करने वाले इस पैगा़म को ज़रूर पढ़ें

एक नौ साल का बच्चा मस्जिद के कोने में छोटी बहन के साथ बैठा हाथ उठाकर अल्लाह पाक से न जाने क्या माँग रहा था । कपड़ों में पेवन्द लगा था मगर निहायत साफ़ थे। उसके नन्हे- नन्हे से गाल आँसुओं से भीग चुके थे कई लोग उसकी तरफ़ मुतवज्जेह …

Read More »

अभी भी लोगों में आपसी सद्भाव और मुहब्बत है ज़िंदा

कल रात की बात है, एक जगह अखंड रामायण का पाठ चल रहा था, जोकि आम है. लेकिन खास ये है कि कुर्ता पहनकर रामायण पढ़ रहा लड़का प्रक्टिसिंग मुसलमान है। जिन हिन्दुओं के यहां ये पाठ हो रहा है उनके साथ पूरी रात बैठकर रामायण पढ़ता रहा। सुबह सुंदरकांड …

Read More »

Subscribe to your Magazine Voice of Muslim

Subscribe to your Magazine Voice of Muslim, a new Muslim Media Platform with a unique approach to bring Muslims around the world closer and lighting the way for a better future. Like most community around the world, we felt the need to have a dedicated platform that could become a …

Read More »

हम भी किसी से कम नही, उत्तर प्रदेश पुलिस

गुजरात ATS द्वारा जिस तत्परता और रफ्तार से उत्तर प्रदेश में हुई कमलेश तिवारी की हत्या के हत्यारों को गिरफ्तार किया गया वो अत्यंत सराहनीय, प्रशंसनीय है। उनके इस उत्तम कार्य के लिए उत्तर प्रदेश की जनता ने दिल खोल कर सोशल मीडिया पर उनकी शान में अनेक पोस्ट लगाई …

Read More »

मुझे अज़ीज़ है अपने वतन की हर् खुशबू।

मुझे अज़ीज़ है अपने वतन की हर् खुशबू। तेरा लिबास मुझे रास्ता दिखाता है।। वो गंगा जमुनी तहज़ीब का शहर लखनऊ। अमीनाबाद का दिलकश समां बुलाता है।। सुबह बनारस की शाम ए अवध से जिंदा है। वो गोमती का खुशनुमा मंज़र बहुत लुभाता है।। गरीब शख्स हो या हो दुनियां …

Read More »

बैठे हैं हम तो कब से इसी इन्तज़ार में

बैठे हैं हम तो कब से इसी इन्तज़ार में कब आमद ए बहार हाे उजड़े दयार में अब्द ए ख़ुदा जो अस्ल में अब्द ए ख़ुदा बने वुसअत बुहत है रहमते परवर दिगार में जिस दिन से उसने तल्ख़ मिज़ाजी से बात की है इक अजब चुभन सी दिल ए …

Read More »
SUPPORT US

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com