Saturday , July 20 2019

मॉनसून का लें आनंद, लेकिन इन बातों का रखें खास ध्यान

प्रतीकात्मक फोटो
मॉनसून के मौसम का आनंद हर उम्र के लोग लेना चाहते हैं। क्या बच्चे, क्या बूढ़े सब खिल उठते हैं, और प्रकृति की खूबसूरती तो देखते ही बनती है। पर क्या आप जानते हैं कि भारत में मानसून अपने साथ फ्लू जैसी बीमारियां भी लेकर आता है। इस मौसम में छोटे बच्चों से लेकर वयस्क भी फ्लू का शिकार होते हैं। इसके अलावा बार-बार बदलते तापमान का भी शरीर पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए मानसून का आनंद लेने के साथ-साथ खुद को स्वस्थ रखना भी जरूर है।

मॉनसून में होने वाली बीमारियों और उनसे कैसे बचा जाए बता रही हैं, नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में इंटरनल मेडिसीन सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तरुण साहनी:

किन उम्र के लोगों को रहना है ज्यादा सावधान-

  • फ्लू का संक्रमण हालांकि जानलेवा नहीं होता, लेकिन छोटे बच्चों और बुजुर्गो में इसके कारण कई समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर उन लोगों पर इसका बुरा असर पड़ता है, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली/इम्यून सिस्टम कमजोर हो।

क्या हैं लक्षण-

  • मानसून में होने वाला फ्लू दो सप्ताह में ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ समय के लिए इसके लक्षण बहुत ज्यादा परेशान कर सकते हैं। इसके कुछ आम लक्षण हैं- तेज बुखार, पसीना आना, कंपकंपी छूटना, लगातार खांसी, नाक बहना, शरीर में दर्द, त्वचा पर रैश वगैरह

कैसे बचें-

  • इस सीजन में अपने आप को संक्रमण(इंफेक्शन) से बचाएं। जिन चीजों को लोग ज्यादा छूते हैं, वहां पर रोग के जीवाणु (बैक्टीरिया) बहुत जल्दी पनपते हैं। हवा के जरिए भी सांस से ये जीवाणु एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाते हैं। लेकिन सावधानी बरतने से फ्लू की संभावना को कम किया जा सकता है।
  • खाना खाने से पहले हाथ धोना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये जीवाणु शारीरिक संपर्क से फैलते हैं। नियमित रूप से व्यायाम करें, इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) मजबूत बनती है। खूब पानी पीएं, सेहतमंद और पोषक आहार लें। स्वास्थ्यप्रद भोजन खाने से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। इन्फ्लुएंजा से बचने के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन यह उन्हीं लोगों को देनी चाहिए जिनमें संक्रमण की आशंका अधिक हो।

इन बातों का रखें ध्यान-

  • बुखार और शरीर के दर्द को कम करने के लिए दवाएं ली जा सकती हैं। कफ ड्रॉप खांसी से राहत देते हैं, लेकिन अगर लक्षण बहुत ज्यादा परेशान कर रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लें। मानसून में सेकेंडरी इन्फेक्शन भी हो सकता है। ऐसे मामलों में दोस्तों, इंटरनेट की सलाह से दवाएं लेने बजाए डॉक्टर से सलाह लें। आराम करें, कम से कम 8 घंटे की नींद लें। मानसून फ्लू के संक्रमण को ठीक करने के लिए आराम करना बहुत जरूरी है।

मानसून की रिमझिम फुहारें बच्चों को कर सकती है बीमार, ध्यान रखें ये खास बातें

इंटरनेट डेस्क। बारिश की बूंदों के साथ जीने का मजा ही कुछ अलग होता है। मानसून का समय सभी के मन को प्रफुल्लित करता है। झमाझम बारिश में नाचने का मन किसका नहीं होता। फुहारों के बीच फैमिली ट्रिप पर जाने का आनंद बहुत ही खास होता है। लेकिन इस मौसम में स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि यग मौसम बीमारियों को भी जल्दी ही न्यौता देता है। यह मौसम छोटे बच्चों के लिए सबसे खतरनाक होता है। बदलते मौसम का असर बच्चों पर सबसे पहले दिखता है। इसलिए घर में और आसपास के वातावरण को साफ रखकर आप मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं।

बारिश के मौसम सारी तरफ पानी जमा होता है। इस गंदे पानी में ही मच्छर पैदा होते हैं और बीमार कर देते हैं। साथ ही गंदे पानी में बैठने वाली मक्खियां खाने को दूषित कर देती है। इसलिए घर में या घर के आसपास गंदा पानी इकट्ठा नहीं होने दे। आसपास साफ-सफाई रखें।

बारिश में मच्छरों से बचने के लिए मच्छर मारने वाली दवा का इस्तेमाल करना चाहिए। घर में सफाई रखें ताकि मच्छर पैदा न हो। बच्चों को मच्छरदानी में ही सुलाएं। मार्केट में मिलने वाले मॉस्किटो रिपेलेंट बच्चों की त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं। इसलिए इनका इस्तेमाल बच्चों की स्किन के लिए नहीं करें।

इस मौसम में इंफेक्शन सबसे जल्दी होता है। प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। इसलिए संक्रमण से बचने के लिए हाथों को समय-समय पर धोएं। खाना खाने से पहले भी हाथों को साबुन से धोएं। इस मौसम में खांसी-जुकाम अधिक होते हैं। इसलिए हमेशा मुंह पर रूमाल लगाकर छींके या खांसे। समय रहते डॉक्टर से सलाह लें।

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