Sunday , May 26 2019

सुना है कि अब मैं पत्रकार हो गया हूं…

       Ajay Veama

सुना है कि अब मैं पत्रकार हो गया हूं
ना समझ था पहले समझदार हो गया हूं।

बहुत गुस्सा था इस व्यवस्था के खिलाफ
अब उसी का भागीदार हो गया हूं।

दिल पसीजता था राह चलते हुए पहले
कलम हाथ में आते ही दिमागदार हो गया हूं।

कभी नफरत थी कुछ छपी हूई खबरो से मुझे
आज उन्ही खबरो का तलबगार हो गया हूं।

सोचा था अलग राह पकडूंगा पत्रकार बनकर
अब मैं भी भेड़ चाल में शुमार हो गया हूं।

लिखकर बदलने चला था दुनिया को मैं
नौकरी की वफादारी में खुद बदल गया हूं।

मुझे दिखर रही है देश की तरक्की सारी
क्योकि अब मैं नेताओं का यार हो गया हूं।

इंकबाल वंदे मातरम् कई नारे आते है मूझे
पर क्या करू विज्ञापनों के कारण लाचार हो गया हूं।

ढूढ़ता था पहले देश की बेहाली के जिम्मेदारों को
समझ गया हूं सब कुछ अब मैं समझदार हो गया हूं,
सुना है कि अब मैं पत्रकार हो गया हूँ।

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