Saturday , September 21 2019

आपकी गाड़ी की चाबी को इसलिए हाथ भी नहीं लगा सकती ट्रैफिक पुलिस!

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद अचानक ट्रैफिक पुलिस हर चौक-चौराहे पर सक्रिय हो गई है. वाहनों के भारी-भरकम चालान काटे जा रहे हैं. नए नियम का पालन करवाने के नाम पर ज्यादातर जगहों पर पुलिस लोगों से बदसलूकी भी कर रही है. कहीं नियम तोड़ रहे पुलिसवालों से सवाल पूछने पर मारपीट पर उतारू हो रहे हैं तो कहीं वाहन चालकों से हाथापाई करते नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो की बाढ़ आई हुई है. पुलिसवाले आमतौर पर किसी वाहन को रोकते ही उसकी चाबी निकाल लेते हैं. इसे लेकर सबसे ज्यादा झगड़े होते हैं. लेकिन कानून के जानकार बताते हैं ट्रैफिक पुलिस को ऐसा करने का हक़ नहीं है. ऐसा करके वो कानून तोड़ रहे होते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के वकील पद्मश्री ब्रह्मदत्त ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट न तो किसी ट्रैफिक पुलिस को चाबी निकालने का अधिकार देता है और न ही आपकी गाड़ी की हवा निकालने का. एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि पुलिसकर्मी किसी वाहन चालक से बदसलूकी या मारपीट करे और उसे गाली दे. कोई पुलिसकर्मी यदि आपको रुकने का इशारा कर रहा है तो जांच के लिए रुकिए. लेकिन यदि चाबी और हवा निकाल रहा है तो इसकी वीडियो बनाइए. सबूत के साथ उसके उच्चाधिकारियों को लिखिए. उस पर विभागीय कार्रवाई होगी.

मोटर व्हीकल एक्ट के नाम पर गुंडागर्दी करने का अधिकार नहीं
यदि उच्चाधिकारी भी उससे मिले हुए हैं, वो लीपापोती की कोशिश करते हैं तो केस हाईकोर्ट ले जाइए. यदि आप गरीबी रेखा से नीचे यानी बीपीएल हैं, महिला या विकलांग हैं तो आपको मुफ्त कानूनी सहायता मिलेगी. इसकी मदद से पुलिसकर्मी के खिलाफ अपने नागरिक और मानव अधिकार के हनन का केस डालिए. उम्मीद है कि पुलिसकर्मी सस्पेंड होगा और उसे बचाने वाले उच्चाधिकारियों से भी जवाब तलब किया जाएगा. पुलिसकर्मी हमेशा ध्यान रखें कि उन्हें मोटर व्हीकल एक्ट गुंडागर्दी करने का अधिकार नहीं देता. वो सिर्फ चालान काट सकते हैं और गाड़ी जब्त कर सकते हैं. यह काम वो खूब करें.
पद्मश्री ब्रह्मदत्त का कहना है कि एक्ट का पालन तो ठीक है, लेकिन इसके नाम पर न सिर्फ पुलिसवाले बड़े पैमाने पर धन उगाही कर रहे हैं बल्कि लोगों से मारपीट और बदसलूकी भी हो रही है, जो कतई ठीक नहीं है.

पुलिसकर्मी न गाली दे सकता है और मारपीट कर सकता
फरीदाबाद निवासी RTI एक्टिविस्ट अनुभव सुखीजा की एक आरटीआई के जवाब में हरियाणा पुलिस ने कहा है कि पुलिसकर्मी हाथ से इशारा कर के वाहन रुकवा सकता है. चेक कर सकता है. अगर कोई चालक पुलिसकर्मी द्वारा दिए गए इशारे पर अपना वाहन नहीं रोकता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई का अधिकार है. लेकिन पुलिसकर्मी किसी व्यक्ति को न तो गाली दे सकता है और न मारपीट कर सकता है. पुलिसकर्मी को वाहन के प्रदूषण स्तर का सर्टिफिकेट (PUC) चेक करने का अधिकार है.

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