Wednesday , October 16 2019

देश की अदालतों में आखिर चल क्या रहा है…???

टीएमसी की तेजतर्रार सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ ज़ी न्यूज़ के सुधीर चौधरी ने अपने शो डीएनए में एक झूठी स्टोरी दिखाई और मोइत्रा का अपमान किया।शो मोइत्रा के संसद में दिये गए ‘सेवन साइन ऑफ फासिज़्म’ भाषण पर आधारित था।सुधीर ने संसद में दी गई महुआ की स्पीच को चोरी का करार दिया था, मार्टिन लॉन्गमैन के भाषण का ‘कॉपी-पेस्ट’ कहा था। जिसका महुआ ने जोरदार तरीके से प्रतिकार किया था। खुद मार्टिन लॉन्गमैन ने भी इसमें महुआ का साथ दिया था,और सुधीर को झूठा बताया था।महुआ मोइत्रा ने इसके ठीक अगले दिन संसद में इस मामले में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया था जिसे स्पीकर बिड़ला ने अस्वीकार कर दिया था।

महुआ ने इस मामले पर ज़ी न्यूज़ और सुधीर चौधरी पर आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करने की दिल्ली में अदालती कार्यवाही शुरू की थीं। मामले की सुनवाई 20 जुलाई को हुई और मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रीति परेवा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। 7 सितंबर को मामले में अदालत का फैसला आने वाला था,लेकिन नहीं आया। सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी फैसले की उम्मीद थी लेकिन वह भी नहीं आया।उल्टे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश सयाल ने मजिस्ट्रेट अदालत की कार्यवाही पर 18 अक्टूबर तक रोक लगा दी ।महुआ के केस दर्ज करने के बाद ज़ी न्यूज़ व सुधीर चौधरी ने भी महुआ पर मानहानि का केस किया था। इस पर तत्परता दिखाते हुए दूसरी अदालत अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने मोइत्रा को समन करने का आदेश देते हुए 25 अक्टूबर को अदालत के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। जज साहब ने कहा कि धारा 500(मानहानि) के तहत मोइत्रा के खिलाफ कार्यवाही करने के पर्याप्त आधार हैं। मोइत्रा की गलती इतनी थी कि उन्होंने अपने डिफेंस में ज़ी न्यूज़ को दलाल व पेड मीडिया कह दिया था। जज साहब को इतने में आधार मिल गया।

अब आप देखिए एक महिला अपने अपमान पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाई तो वहाँ भी उन्हें न्याय के लिए जूझना पड़ रहा है। उल्टे फरियादी के खिलाफ ही केस की सुनवाई पहले हो रही है। यही न्यू इंडिया है। न्यू इंडिया में संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट भी अपने पति की रिहाई के लिए इसी तरह से भटक रही हैं,और मायूस हो रही हैं। ढाई साल से जेल में बंद डीयू के प्रोफेसर जी एन सांईबाबा जो कि 90 प्रतिशत विकलांग है की रिहाई के लिए भी उनकी पत्नी बसंता कुमारी इसी तरह अदालतों की चक्कर काट रही हैं, पर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सुनवाई हो रही है तो बलात्कारियों के जमानत की, दंगाइयों के जमानत की, मॉब लिंचिंग के आरोपियों की। चाहे मैं तिनका ही सही पर इस लड़ाई में मैं महुआ मोइत्रा, श्वेता भट्ट ,बसंता कुमारी और उन जैसी वीरांगनाओं के साथ हूँ।

Source :  Jitendra Narayan Facebook Post

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