Wednesday , October 16 2019

प्रधानमंत्री अबी अहमद को क्यों मिला नोबेल शांति पुरस्कार?

नोबेल पुरस्कार पाने वाले अबी अहमद 100वें व्यक्ति होंगे।

अंतरराष्ट्रीय शांति और सहयोग में उनके प्रयासों और ख़ास कर शत्रु देश इरिट्रिया के साथ शांति स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री अबी अहमद अली का नाम नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है।

2018 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अबी अहमद ने इथियोपिया में बड़े पैमाने पर उदारीकरण की शुरुआत की। उन्होंने हज़ारों विपक्षी कार्यकर्ताओं को जेल से रिहा कराया और निर्वासित असंतुष्टों को देश में वापस लौटने की इजाज़त दी।

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सबसे अहम काम जिसके लिए नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया वो ये है कि पड़ोसी देश इरिट्रिया के साथ दो दशक से भी अधिक समय से चले आ रहे संघर्ष को ख़त्म करते हुए उसके साथ शांति स्थापित की।

हालांकि, उनके सुधारों ने इथियोपिया की नस्लीय तनाव पर से पर्दा उठा दिया, इसके बाद हुई हिंसा में 25 लाख लोगों को अपना घरबार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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इथियोपिया ने बीते वर्ष इरिट्रिया के साथ शांति समझौता किया। इसके साथ ही 1998-2000 में शुरू हुआ सैन्य गतिरोध 20 साल के बाद समाप्त हो गया।

2019 के नोबेल पुरस्कार के लिए 301 उम्मीदवार थे। इनमें 223 शख्सियत और 78 संस्थाएं शामिल थीं। इस बार यह पुरस्कार किसे मिलेगा इस पर कई अटकलें चल रही थीं। लेकिन अंतिम सूची में किसे शामिल किया गया इसकी जानकारी नहीं मिल सकती क्योंकि नोबेल फाउंडेशन के नियमों के मुताबिक, चयनित संक्षिप्त सूची को 50 सालों तक प्रकाशित नहीं होने दिया जाता है।

सितंबर 2018 में अबी ने इरिट्रिया और जिबूती के बीच कई सालों से चली आ रही राजनीतिक शत्रुता तो खत्म कर कूटनीतिक रिश्तों को सामान्य बनाने में मदद की। इसके अलावा अबी ने केन्या और सोमालिया में समुद्री इलाके को लेकर चले आ रहे संघर्ष को ख़त्म करने में मध्यस्थता की।

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