Wednesday , September 19 2018

उमर रजिल्लाहू अन्हू के ज़माना ए खिलाफत में “हरमज़ान” निहावंद का ईरानी गवर्नर था। और मुसलमानों का कट्टर दुश्मन था। इस की वजह से….

उमर रजिल्लाहू अन्हू के ज़माना ए खिलाफत में “हरमज़ान” निहावंद का ईरानी गवर्नर था। और मुसलमानों का कट्टर दुश्मन था। इस की वजह से मुसलमानों और ईरानियों में कई लड़ाई हुई। आखिर एक लड़ाई में हरमज़ान गिरफ्तार हुआ। उसे यकीन था कि उसे मौत के घाट उतार दिया जाएगा।

लेकिन अमीरूल मोेमीनीन हज़रत उमर रजिअल्लाह अन्हु ने उसे इस शर्त पर रिहा कर दिया कि वे आईनदा जज़िया देगा। आज़ाद होकर वे अपने दारुल खिलाफा पहुंचा ‘बहुत बड़ी फौज इखट्ठी की और मुसलमानों के मुकाबले में उतर आया। लेकिन इस बार भी उसे शिकस्त हुई और हरमज़ान फिर से गिरफ्तार होकर अमीरुल मोमिनीन हज़रत उमर रजिअल्लाह अनहु के सामने पेश किया गया। हरमज़ान के चेहरे से साफ जाहिर था वे खुद को सिर्फ़ कुछ लम्हों का मेहमान समझता है।

हज़रत उमर ने फरमाया: तुमने हमारे साथ कई बार वादा खिलाफ़ी की है, तुम जानते हो कि इस जुर्म की सजा मौत है.?”
हरमज़ान ने कहा: “हाँ मैं जानता हूँ और मरने के लिए तैयार हूँ।”

हज़रत उमर ने उसे इस्लाम कुबूल करने को कहा लेकिन उसने इंकार कर दिया और कहा: “मेरी एक आखरी ख्वाहिश है।
आप ने पूछा: “क्या ..?

हरमज़ान ने कहा “शदीद प्यासा हूं और पानी पीना चाहता हूँ।
हज़रत उमर के हुक्म पर उसे पानी का प्याला पेश किया गया। हरमज़ान ने कटोरा हाथ में पकड़ कर कहा: “मुझे खौफ है कि पानी पीने से पहले ही मुझे कत्ल कर दिया जाएगा। आप ने कहा “इत्मीनान रखो जब तक आप पानी न पी लोगे कोई शख्स तुम्हारे सर को न छुएगा।

हरमज़ान ने कहा: “आप ने मुझसे वादा किया है कि जब तक पानी न पीऊं मुझे कत्ल न किया जाएगा मै यह पानी कभी नहीं पीऊंगा। यह कहकर उसने पियाला तोड़ दिया और कहने लगा। “अब आप मुझे कभी मार नहीं सकते। हज़रत उमर ने मुस्कुरा कर कहा आप ने अजीब चाल चली है लेकिन उमर अपने लफ्जों का पाबंद है जाओ तुम आज़ाद हो।

हरमज़ान शुक्रगुजारी और हैरानी के तासरात के साथ चला गया। चंद दिनों बाद ही हरमज़ान अपने कुछ साथियों समेत हज़रत उमर के सामने हाज़िर हुआ और दरख्वास्त कि हमें इस्लाम में दाखिल कर लीजिए।

हज़रत उमर ने कहा “आप ने उस वक्त इस्लाम कुबूल क्यों नहीं किया जब मैंने तुम्हें दावत दी थी? हरमज़ान ने कहा: “सिर्फ इसलिए कि आप ये ना समझें कि मैंने मौत के खौफ से कलमा पढ लिया है। अब मैं अपनी रजा से इस्लाम कुबूल करता हूँ।

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