Tuesday , April 20 2021

Deen Ki Baat

एक फ़तवा जिसके बाद शिक्षा और विज्ञान में पिछड़ गए मुसलमान

आज से तक़रीबन एक हज़ार साल पहले 1100 AD में मज़हबे-इस्लाम साइंस के गोल्डन दौर से गुज़र रहा था। ये वो दौर था जब बग़दाद साइंस और जदीद टेक्नोलॉजी का मरकज़ हुआ करता था। दुनिया भर के तालिब-ए-इल्म साइंस की जदीद तालीम के लिए बगदाद का रुख करते थे। उस …

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इताअत में मयाना रवी

अल्लाह तआला अपने पाक कलाम में इरशाद फ़रमाता है: अल्लाह तुम्हारे साथ आसानी का मामला करना चाहता है और तुम्हारे लिये मुश्किल पैदा नहीं करना चाहता। (सूरह अलबक़रा 185) सबसे पहले हमें यह समझना चाहिए कि इस आयत का सियाक़ व सबाक़ क्या है? अल्लाह तआला रोज़े की फ़र्ज़ीयत नाज़िल …

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मुस्लिम ताजीरों का अख़लाक़ और मोहब्बत

पुराने मुस्लिम कारोबारियों की रिवायत थी के वो सुबह दुकान खोलने के साथ एक छोटी सी कुर्सी दुकान के बाहर रखते थे। यह भी पढ़ें : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बेहद दिलचस्प तारीखें जूं ही पहला ग्राहक आता दुकानदार कुर्सी उस जगह से उठाता और दुकान के अंदर रख देता …

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साइंस भी इस्लाम के क़ानून की हिमायत करने पर मजबूर

एक माहिर डाक्टर जुनैन यहूदी (जो दीनी आ़लिम भी था) खुले आम कहता है कि पूरी ज़मीन पर मुस्लिम औ़रत से ज़्यादा पाकसाज़ औ़रत और साफ़ सुथरी किसी भी मज़हब की औ़रत नहीं है। यह भी पढ़ें : डाक्टर कफ़ील ने यूपी सरकार को पच्चीस बार लिखने के बाद आइएमए को …

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हातिम ताई की बेटी

हातिम ताई की बेटी क़ैद होकर बारगाहे रिसालत.ﷺ में आई और थोड़ा सा सर से दुपट्टा…….सर के चंद बाल या एक बाल नज़र आ रहा था…. आपनेﷺ हज़रत उमर رضی اللہ عنہ को फ़रमाया : उमर बेटी के सर पे दुपट्टा दो। हज़रत उमर رضی اللہ عنہ ने कहा : …

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अल्लाह पर तवक्कुल (भरोसा करना) अंबियाए किराम का ख़ुसूसी शिआर

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम अलहम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन, वस्सलातु वस्सलामु अला नबिय्यिल करीम व अला अलिहि व अस्हाबिहि अजमईन अल्लाह तआला पर तवक्कुल यानि भरोसा करना अंबियाए किराम के तरीक़े के साथ अल्लाह तआला का हुक्म भी है। क़ुरआन व हदीस में तवक्कुल अललल्लाह का बार-बार हुक्म दिया गया है। सिर्फ़ क़ुरआने करीम …

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क्या आप को सदका के फवाइद मालूम है?

सुन लो ! सदका देने वाले भी और जो इस का सबब बनते हैं वो भी! १: सदका जन्नत के दरवाज़ों में से एक दरवाज़ा है। २: सदका नेक आमाल मैं अफ़ज़ल अमल है , और सबसे अफ़ज़ल सदक़ा खाना खिलाना है। ३: सदका क़ियामत के दिन साया होगा, और …

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हज़रत आदम अलैहिस्सलाम (पैदाइश से ज़मीन पर उतारे जाने तक)

सब से पहले आदम ے को दुनिया में भेजा गया। हज़रत आदम ے को अबुलबशर यानि सब इन्सानों का बाप कहा जाता है।  दुनिया में जितने भी इन्सान शुरू से आख़िर तक आ चुके हैं या आयेंगे सब हज़रत आदम ے की ही औलाद हैं इसी लिये इन्हें “आदमी” कहा जाता है। जब अल्लाह तआला ने …

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हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का आखरी ख़ुत्बा !

मैदान-ए-अरफ़ात(मक्काह) में 9 ज़िल्हिज्ज् ,10 हिजरी को मोहम्मद सल.अलैहि वसल्लम ने हज का आखरी ख़ुत्बा दिया था। बहुत अहम संदेश दिया था। गौर से पढे हर बात बार बार पढे सोचे कि कितना अहम संदेश दिया था 1. ऐ लोगो ! सुनो, मुझे नही लगता के अगले साल मैं तुम्हारे …

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गैरमुस्लिम कर्ज़दार इमाम साहब की बात सुनकर कहा पहले

एक मर्तबा इमामे आज़म अबू हनीफा रहमतुल्लाअलेहि कहीं जा रहे थे बारिश का मौसम था रास्ते में चारों ओर कीचड़ और पानी भरा हुआ था अचानक रास्ते में अबू हनीफा रह के पैर में कीचड़ लग गया आप ने पैर को ज़ोर से झिड़का तो कीचड़ एक शख्स के मकान …

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