Wednesday , August 4 2021

OPINIONS

चलो हम आज ये किस्सा अधूरा छोड़ देते हैं

तमाम उम्र हम एक दूसरे से लड़ते रहे, मगर मरे तो बराबर में जा के लेट गए. सियासत मुंह भराई के हुनर से खूब वाकिफ है, ये हर कुत्ते के आगे शाही टुकड़ा डाल देती है. हजारों कुर्सियां इस मुल्क में लाशों पे रखी हैं, ये वो सच है जिसे …

Read More »

अफ़सोस हम भी पाकिस्तान की राह पर………

ये जो आप आजकल मीडिया चैनल्स पे सनसनी फैलाती खबरे देख रहे है, ऐसी सनसनी इनसे पहले पाकिस्तानी मीडिया ने फैलाना शुरू किया था। सनसनी के साथ ही सोशल मीडिया पे तैनात आईटी सेल्स ने फोटोशॉप क्रांति के जरिये झूठ और भ्रम कूट कूट भरा युवाओं के मन में, ये …

Read More »

दुनियां के कदीम तरीन मुल्कों में से एक है फ़लस्तीन

फ़लस्तीन दुनियां के कदीम तरीन मुल्कों में से एक है, यह उस इलाके का नाम है जो लेबनान और मिस्र के दरमियान था जिसके बेस्तर हिस्से पर अब इसराइल का कब्जा है इसराइल की रियासत कायम है। 1948 से पहले यह तमाम इलाका फ़लस्तीन कहलाता था जो खिलाफत उस्मानिया में …

Read More »

अदार पूनावाला के सपरिवार लंदन जाने के निहितार्थ

लखनऊ (सैय्यद अख्तर अली)। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला, पीएम मोदी के सीधे संपर्क में थे। खतरे का अंदेशा जताने पर सरकार ने उन्हें चुटकियां बजाते वाई श्रेणी सुरक्षा उलपब्ध करा दिया था। पूनावाला का ये तर्क की धमकी के चलते उन्होंने भारत से भागकर लंदन में शरण ली …

Read More »

आपका मकसद अपनी नाकामी और क्रूरता पर पर्दा डालना है

जिस दिन संपादकों को मैनेज करके फ्रंट पेज की हेडिंग लगवाई गई कि ऑक्सीजन और दवाओं की कमी नहीं है, उसी दिन एक महिला अपने पति को बचाने के लिए उसके मुंह में सांस फूंकने की कोशिश कर रही थी, जिसे दुनिया ने देखा। उस दिन भी पूरे देश में …

Read More »

हर रोज़ बढ़ते कोरोना वायरस के आँकड़े मोदी सरकार की नियत पर सवालिया निशान लगा रहे हैं

कोरोना वायरस (कोविड-19) दिन प्रतिदिन विकराल रूप धारण कर रहा है केन्द्र की मोदी सरकार व यूपी की योगी सरकार बेबस नज़र आ रही हैं पूरी व्यवस्था और सिस्टम घुटनों पर आ गया हैं चारों ओर हाहाकार नज़र आ रहा है। ऑक्सीजन की कमी के चलते जनता की साँसें रूक …

Read More »

तो क्या दुनिया को नफीसा उमर की बद्दुआ लग गयी

नफीसा उमर, काश्मीर की एक लड़की है। कश्मीर के 7 महीने के लाकडाउन के बाद भारत सरकार द्वारा प्रायोजित युरोपीय युनियन के सांसदों का काश्मीर दौरा याद करिए। उन मे कुछ पत्रकार भी गए थे। उन पत्रकारों में ही एक थे “अरविंद मिश्रा”। यह भी पढ़ें : कुछ वर्षों में इस …

Read More »

मुस्लिम मआशरे में दहेज़ एक लानत……

जहेज की लानत हमारे मुल्क में नई नहीं है। जहेज के लिए बहुओं को जिंदा जलाने या दूसरे तरीकों से मार डालने या उन्हें घर से निकाल देने जैसे वाक्यात अक्सर सामने आते रहे हैं। सरकारों और मआशरे (समाज) ने जहेज के लिए बहुओं को अजीयतें (यातनाएं) देने पर रोक …

Read More »

टॉपर आसिफ शेख का ‘आतंकवादी’ होना

आसिफ शेख नाम के युवक ने 2001 में गुजरात यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता में टॉप किया। उनके साथ के लोग बड़े-बड़े पत्रकार बन गए। आसिफ आतंकवाद के झूठे केस में फंसा दिए गए। इस केस ने आसिफ के सपनों पर ऐसा पानी फेरा कि उनकी ज़िंदगी के सारे रास्ते बंद हो …

Read More »

आंदोलन का प्रजातंत्र

आंदोलन समाज में सुधार के लिए प्रेरित होते हैं या नीतिगत निर्णयों के प्रति एक सशक्त असहमति व्यक्त करते हैं। मूल रूप से लोकतंत्र में आंदोलन का उद्गम  इन्हीं कारणों पर आधारित होता है। समाज में हमेशा से आंदोलन होते रहे हैं, अगर हम इतिहास में देखें तो 7 वीं …

Read More »
SUPPORT US

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com