Monday , June 1 2020

पैकेज का एलान कर सरकार थैलीशाहों पर मेहरबान

नई दिल्ली (हिसाम सिद्दीकी)! चौथी बार लाकडाउन को आगे बढाने से पहले वजीर-ए-आजम नरेन्द्र मोदी ने बीस लाख करोड़ के पैकेज का एलान करके हर तरफ परेशान शहरियों और मजदूरों व गरीबां का ध्यान उनकी परेशानियों से हटाने की कोशिश तो की लेकिन बात बनती नहीं दिखती वजह यह है कि पढा-लिखा तबका तो जानता है कि इसमें से बारह लाख करोड़ का एलान वह पहले ही कर चुके हैं जिसका फायदा आम लोगों तक नहीं पहुचा गरीब मजदूरों को उसमें कुछ नहीं मिला।

अब सिर्फ आठ लाख करोड़ सरकार और देगी लेकिन जिन लोगां को देगी उनसे भी आम लोगों को कुछ मिलने वाला नहीं है। पूरे मुल्क की सड़कों और हाईवेज पर तकरीबन तीन हफ्ते से गरीब मजदूर ही पैदल चलते और मरते-खपते दिख रहे हैं उनके लिए रास्तों में खाने और पानी तक का इंतजाम सरकार की जानिब से कहीं नहीं किया गया। जो स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं उनके रास्तों में पड़ने वाले बड़े स्टेशनों पर खाने और पानी का बंदोबस्त आसानी के साथ किया जा सकता था वह भी नहीं किया गया।

अगर एनजीओ और समाज के दर्दमंद लोगों ने रास्ते में मजदूरों का ख्याल न किया होता तो शायद कोरोना से ज्यादा मजदूर और गरीब लोग रास्तों में ही मर चुके होते। वजीर-ए-आजम मोदी ने शुरू में ही कहा था हम कोरोना वबा (महामारी) को भी एक अवसर (मौके) में तब्दील कर देंगे अब बारह मई को चौथे दौर के लाकडाउन और बीस लाख करोड़ के पैकेज का एलान करते हुए उन्होने फिर कहा कि हमने कोरोना को अवसर में तब्दील कर दिया। वह किस अवसर की बात कर रहे थे मजदूरों के मरने के अवसर की, सड़कों गलियों और घरों में घुसकर पुलिस के जरिए आम लोगों को जानवरों की तरह पीटने के अवसर की या कोरनटाइन सेटरों व कोरोना के इलाज के लिए बनाए गए वार्डों की बदहाली के अवसर की यह किसी की समझ में नहीं आया।

उन्होंने कहा कि चौथे दौर का लाकडाउन ‘नए रंग-रूप’ में होगा अब महामारी भी नए रंग रूप वाली होने लगी है। वजीर-ए-आजम मोदी के बीस लाख करोड़ के पैकेज की जो तफसील अगले दिन फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बताई उसके मुताबिक इस पैकेज का पूरा फायदा सनअतकारों (उद्योगपतियां) को ही मिलने वाला है। सवाल यह है कि पूरे मुल्क के बड़े शहरों से नव्वे फीसद से ज्यादा मजदूर अपने वतन वापस जा चुके हैं तो क्या यह सनअतकार मजदूरों के बगैर सिर्फ पैसों से ही अपनी फैक्ट्रियां चला लेंगे। नोटबंदी की तरह लाकडाउन और कोरोना के इलाज व कोरनटाइन के तौर-तरीकों को भी बार-बार तब्दील किया जा रहा है।

कोरोना की वजह से शुरू में बाकी तमाम मेडिकल खिदमात को बंद कर दिया गया, कोरनटाइन की मुद्दत चौदह दिन तक की गई कोरनटाइन में जाने और निकलने दोनों वक्त टेस्टिंग जरूरी की गई अब कहा गया कि कोरनटाइन सिर्फ दस दिनो की होगी और दोबारा टेस्टिंग भी नहीं होगी। अस्पतालों में इलाज शुरू करने की इजाजत दी गई तो प्राइवेट अस्पतालों पर शर्त लगा दी गई कि किसी भी तरह के मरीज का इलाज करने से पहले उसका कोरोना टेस्ट जरूर किया जाए। टेस्ट की फीस साढे चार हजार रूपए है।

अब अगर जुकाम बुखार जैसी मामूली मरज के इलाज के लिए कोई अस्पताल या डाक्टर के पास जा रहा है तो उसे साढे चार हजार रूपए लाजमी तौर से भुगतने ही पड़ रहे हैं। कई डाक्टर साढे चार हजार रूपए वसूल कर लेते हैं और टेस्ट किए बगैर ही इलाज करते हैं। पहली बार प्राइम मिनिस्टर केयर फण्ड का भी जिक्र आया कहा गया कि मजदूरों के लिए केयर फण्ड से एक हजार करोड़ का पैकेज दिया जाएगा।

वजीर-ए-आजम मोदी ने कहा कि चौथा लाकडाउन नए रंग रूप वाला होगा कौन सा रंग पता नहीं। उन्होने कहा कि साइंसदानों ने कहा है कि कोरोना लंबी मुद्दत तक हमारी जिंदगी का हिस्सा रहेगा, लेकिन हमारी जिंदगी इसके इर्द गिर्द ही नहीं बनी रह सकती। (बाकी पेज दो पर) हम सोशल डिस्टेंसिंग की पाबंदी करेंगे, मास्क पहनेंगे और काम भी करेंगे।

प्रदेशों से जो मश्विरे मिले हैं उसके मुताबिक ही इसकी जानकारी दी जाएगी। हम कोरोना से लड़ेंगे भी और आगे भी बढ़ेंगे। कहते हैं जो हमारे बस में है, वही सुख है, खुदकिफालत (आत्मनिर्भरता) हमें सुख और इत्मीनान देने के साथ ताकतवर भी करेगी। आप सभी से अपील करता हूं कि अपनी सेहत का, परिवार का जरूर ध्यान रखिए। उन्हांने कहा कि लोकल को हमें अपनी जिंदगी का मंत्र बनाना ही होगा। लोकल से ही कोई प्रोडक्ट ग्लोबल बना है। आज से देश के हर शहरी को लोकल के लिए वोकल बनना है। उन्होने कहा कि मैं बीस लाख करोड़ के पैकेज का एलान करता हूं यह पैकेज खुदकफील (आत्मनिर्भर) भारत मुहिम की अहम कड़ी की शक्ल में काम करेगा।

यह पैकेज भारत की जीडीपी का तकरीबन 10 फीसद है। इन सबके जरिए देश के मुख्तलिफ तबकों को 20 लाख करोड़ रुपये की ताकत मिलेगी। 20 लाख करोड़ का यह पैकेज 2020 में देश की तरक्की के सफर को नई रफ्तार देगा। खुदकफील भारत के अजायम (संकल्प) पूरे करने के लिए इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी सभी पर जोर दिया गया है। हमारे हमारे छोटे घरेलू और औसत दर्जे की सनअतों के लिए है जो करोड़ों लोगों की जिंदगी का जरिया है। यह पैकेज मुल्क के उन मजदूरों और काश्तकारों के लिए है जो हर हालत में देश के शहरियों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। यह पैकेज उस मिडिल क्लास के लिए है जो ईमानदारी से टैक्स अदा करता है।

उन्होने कहा कि जब यह वबा (महामारी) आई थी तो भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती है हमने इसे अवसर में तब्दील किया आज रोजाना दो लाख पीपीई किट्स और दो लाख एन-95 मास्क बन रहे हैं। उन्होने कहा कि अभी तक बयालीस (42) लाख लोग ही कोरोना का शिकार हुए हैं और तकरीबन पौने तीन लाख लोगों की मौत हुई है। भारत में भी कई लोगों ने अपनों को खोया है। हम सबके लिए खिराजे अकीदत पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि लाकडाउन का चौथा दौर नए जवाबित (नियमां) के साथ लागू किया जाएगा।

निर्मला सीतारमण ने माइक्रो, छोटी और औसत दर्जे की सनअतों (एमएसएमई) के लिए बेश्तर (अद्दिकांश) सहूलतों का एलान कर दिया। एक खास किस्म के सनअतकारों को फायदा पहुचाने का भरपूर बंदोबस्त किया गया है क्योकि फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि अब दो हजार करोड़ तक के कामों के लिए ग्लोबल टेण्डर नहीं मांगे जाएंगे। अपने मुल्क के सनअतकार ही टेण्डर डालेंगे। उन्होने कहा कि अब पांच करोड़ तक के कारोबार वाली यूनिटे माइक्रो इण्डस्ट्री दस करोड़ के सरमाए और पचास करोड़ के टर्नओवर वाली इकाइयां छोटी सनअतों के दायरे में आएंगी।

इसके अलावा 20 करोड़ रूपए की लागत और 100 करोड़ रूपए के टर्नओवर वाली इकाइयां औसत दर्जे के जुमरे में आएंगी यह नई तशरीह सर्विस और कंस्ट्रक्शन दोनों तरह की इकाइयों पर लागू होगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि एमएसएमई को बगैर किसी गांरटी के तीन लाख करोड़ रूपए तक का कर्ज मिलेगा और उसकी मुद्दत चार साल की होगी। उन्होने कहा कि इससे पैंतालीस (45) लाख इकाइयों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा कशीदगी के हालात से गुजर रहे एमएसएमई के लिए बीस (20) हजार करोड़ रूपए का बंदोबस्त किया गया है।

इसके अलावा नकदी बोहरान से जूझ रहे गैर बैंकिंग मआशी कम्पनियां (एनबीएफसी), हाउसिंग, फाइनेंस कारपोरेशनों (एचएफसी) और माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन (एमएफआई) की मदद के लिए सरकार ने तीस (30) हजार करोड़ रूपए की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम लांच करने का एलान किया है। इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने एनबीएफसी के लिए पैंतालीस (45) करोड़ रूपए की क्रेडिट गारंटी स्कीम का एलान किया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने मुलाजमीन प्रावीडेंण्ट फण्ड (ईपीएफ) में मदद तीन महीने यानी अगस्त 2020 तक के लिए देने का फैसला किया है। इस फैसले से तीन लाख सरसठ हजार इदारों और बहत्तर लाख से ज्यादा मुलाजमीन को मदद मिलेगी। इसके अलावा इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख को 31 जुलाई 2020 और 31 अक्टूबर 2020 से बढाकर 30 नवम्बर 2020 कर दी गई है। वहीं टेक्स आडिट की मुद्दत को 30 सितम्बर 2020 बढाकर 31 अक्टूबर 2020 कर दिया गया है।

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